बिहार चुनाव 2025: बीजेपी की पहली लिस्ट जारी, नंद किशोर यादव का टिकट कटा, रत्नेश कुशवाहा को मिला मौका

बीजेपी ने बिहार चुनावों के लिए पहली सूची जारी की। नंद किशोर यादव का टिकट कटा, पटना साहिब से रत्नेश कुशवाहा को मिला मौका। कुल 71 प्रत्याशियों के नाम घोषित, बीजेपी को एनडीए में 101 सीटें मिलीं।

बिहार चुनाव 2025: बीजेपी की पहली लिस्ट जारी, नंद किशोर यादव का टिकट कटा, रत्नेश कुशवाहा को मिला मौका
नंद किशोर यादव

BJP Bihar Candidate List 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025 को अपनी पहली उम्मीदवार सूची (BJP First Candidate List) जारी कर दी। इस सूची में कुल 71 प्रत्याशियों के नाम शामिल किए गए हैं। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव (Nand Kishore Yadav) का टिकट काट दिया गया है।

उनकी जगह पटना साहिब सीट से अब रत्नेश कुशवाहा (Ratnesh Kushwaha) को चुनावी मैदान में उतारा गया है। यह बदलाव बीजेपी की रणनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है कि पार्टी अब जातीय समीकरण और युवा नेतृत्व पर फोकस कर रही है।

एनडीए में सीट बंटवारा तय, बीजेपी को मिलीं 101 सीटें
सूत्रों के अनुसार, एनडीए (NDA) के सहयोगी दलों के बीच सीटों का बंटवारा तय हो चुका है। इस समझौते के तहत भारतीय जनता पार्टी को 101 सीटें मिली हैं। पार्टी ने पहले चरण में 71 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं, जबकि शेष 30 सीटों के लिए दूसरी सूची जल्द जारी की जाएगी।

बीजेपी के इस ऐलान के साथ ही बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह पहली सूची पार्टी की रणनीतिक दिशा और संगठनात्मक सोच को दर्शाती है।

पहली सूची के प्रमुख नाम – अनुभवी नेताओं और नए चेहरों का मिश्रण
बीजेपी की पहली लिस्ट में कई दिग्गज नेताओं के साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका मिला है। यह संतुलन पार्टी की कोशिश को दिखाता है कि वह अनुभव और युवा ऊर्जा का मेल कर चुनाव मैदान में उतरना चाहती है।

प्रमुख उम्मीदवारों की सूची:
बेतिया- रेणु देवी
परेहार- गायत्री देवी
नरपतगंज- देवंती यादव
किशनगंज- स्वीटी सिंह
प्राणपुर- निशा सिंह
कोढ़ा- कविता देवी
औराई - रमा निषाद
वारसलीगंज- अरुणा देवी
जमुई- श्रेयसी सिंह
रक्सौल- प्रमोद कुमार सिन्हा
मधुबन- राणा रणधीर सिंह
मोतिहारी- प्रमोद कुमार
ढाका- पवन जायसवाल
रीगा-  बैद्यनाथ प्रसाद 
बथनाहा (अजा)-  अनिल कुमार राम
सीतामढ़ी-  सुनील कुमार पिंटू
बेनीपट्टी- विनोद नारायण झा
खजौली-  अरुण शंकर प्रसाद
बिस्फी- हरिभूषण ठाकुर बचौल 
राजनगर (अजा)- सुजीत पासवान
झंझारपुर- नीतीश मिश्रा 
छातापुर- नीरज कुमार सिंह बबलू
फारबिसगंज- विद्या सागर केसरी
सिकटी- विजय कुमार मंडल
बनमनखी- कृष्ण कुमार ऋषि
पूर्णिया- विजय कुमार खेमका
कटिहार- तारकिशोर प्रसाद
सहरसा- निशा सिंह 
सहरसा- आलोक रंजन झा
गौरा बौराम- सुजीत कुमार सिंह 
दरभंगा- संजय सरावगी
केवटी- मुरारी मोहन झा 
जाले- जिबेश कुमार मिश्रा
कुढ़नी- केदार प्रसाद गुप्ता 
बरुराज- अरुण कुमार सिंह 
साहेबगंज- राजू कुमार सिंह
बैकुण्ठपुर- मिथिलेश तिवारी 
सिवान- मंगल पांडेय
दरौंदा- कर्णजीत सिंह 
गोरेयाकोठी- देवेश कांत सिंह
तरैया- जनक सिंह
अमनौर- कृष्ण कुमार मंटू
हाजीपुर- अवधेश सिंह
लालगंज- संजय कुमार सिंह 
पातेपुर (अजा)-  लखेंद्र कुमार रौशन

इन नामों से साफ है कि बीजेपी ने अपने मुख्य चेहरों और संगठनात्मक स्तंभों को मैदान में बनाए रखा है, वहीं कुछ सीटों पर राजनीतिक प्रयोग भी किए गए हैं।

पटना साहिब में बड़ा बदलाव – नंद किशोर यादव की जगह नया चेहरा
सबसे चर्चित सीटों में से एक पटना साहिब (Patna Sahib) पर बीजेपी ने इस बार नंद किशोर यादव का टिकट काटकर रत्नेश कुशवाहा को मौका दिया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यह कदम युवा वर्ग और ओबीसी समुदाय को साधने के लिए उठाया गया है।

नंद किशोर यादव 1990 के दशक से बीजेपी के अनुभवी विधायक और संगठन के मजबूत स्तंभ रहे हैं। उनका टिकट कटना बीजेपी के अंदर एक नेतृत्व परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सम्राट चौधरी और मंगल पांडेय बने लिस्ट के ‘फेस’
बीजेपी की ओर से तारापुर से सम्राट चौधरी (Bihar BJP President) और सीवान से मंगल पांडेय को उम्मीदवार बनाया गया है। दोनों नेताओं को बिहार में पार्टी का मुख्य चेहरा माना जाता है और इनके जिम्मे प्रदेशव्यापी चुनाव प्रचार अभियान की कमान भी होगी।

इसी तरह, लखीसराय से विजय सिन्हा और बेतिया से रेणु देवी को उम्मीदवार बनाए रखकर पार्टी ने अपने अनुभवी नेतृत्व को संतुलन में रखा है।

जातीय समीकरण, युवा ऊर्जा और संगठनात्मक निष्ठा पर जोर
पहली सूची देखकर साफ झलकता है कि बीजेपी ने इस बार उम्मीदवार चयन में तीन मुख्य सिद्धांत अपनाए हैं –
जातीय संतुलन 
युवा नेतृत्व को मौका 
संगठन से जुड़े कर्मठ कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता 

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि बीजेपी की यह रणनीति राजद-जेडीयू गठबंधन को कड़ी टक्कर देने के इरादे से बनाई गई है।

दूसरी सूची में कौन होंगे चेहरे? उत्सुकता चरम पर
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, दूसरी सूची में पूर्व सांसदों, युवाओं और महिलाओं को अधिक स्थान दिया जा सकता है। पार्टी चाहती है कि आगामी चुनाव में हर क्षेत्रीय जातीय समीकरण को ध्यान में रखकर प्रत्याशी तय किए जाएं।