डॉन बनने चला था… मिट गई पहचान! कुख्यात गैंगस्टर छोटू सिंह STF एनकाउंटर में मारा गया

धनबाद का कुख्यात गैंगस्टर छोटू सिंह जिसने जेल के भीतर मर्डर की साजिश रची, आखिरकार प्रयागराज में STF एनकाउंटर में मारा गया। जानिए उसकी पूरी आपराधिक कहानी जो खून, साजिश और सनसनी से भरी है।

डॉन बनने चला था… मिट गई पहचान!  कुख्यात गैंगस्टर छोटू सिंह STF एनकाउंटर में मारा गया
गैंगस्टर छोटू सिंह

आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह कोई आम अपराधी नहीं था। उसका ख्वाब था – धनबाद का डॉन बनना। रंगदारी, बमबाजी, हत्या – ये सब उसके अपराधी जीवन का हिस्सा थे। लेकिन उसकी कहानी का सबसे सनसनीखेज मोड़ आया 3 दिसंबर 2023 को, जब उसने जेल के अंदर ही मर्डर करवा दिया।

जेल के भीतर गूंजीं गोलियां, मर्डर का मास्टरमाइंड
धनबाद जेल में बंद शूटर अमन सिंह की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया। बंद जेल में गोली कैसे पहुंची? और चली किसने? इन सवालों ने कानून व्यवस्था की नींव हिला दी।

बाद में खुलासा हुआ कि बाइक चोरी के आरोप में बंद कैदी सुंदर उर्फ रितेश यादव को साजिश के तहत जेल में भेजा गया था। उसे आदेश मिला था – "अमन को खत्म कर दो" – और ये आदेश दिया था छोटू सिंह ने।

ऑडियो क्लिप से खुली चुनौती: "मैंने मारा है"
हत्या के तुरंत बाद छोटू सिंह ने एक ऑडियो क्लिप जारी की, जिसमें उसने हत्या की जिम्मेदारी ली। यह सीधे-सीधे कानून के लिए खुली चुनौती थी – "मैंने मारा है, और मैं छिपा नहीं हूं।"

STF की एंट्री: साज़िश के पर्दे के पीछे से मुठभेड़ तक
जेल में बैठा साजिशकर्ता अब कानून की रडार पर आ चुका था। यूपी STF को इनपुट मिला कि छोटू सिंह प्रयागराज में छिपा है। फिर 7 अगस्त 2025 की सुबह ऑपरेशन शुरू हुआ।

STF ने घेराबंदी की। छोटू ने भागने की कोशिश की… और फिर चली गोलियां। जवाबी फायरिंग में छोटू सिंह मारा गया। उसकी आपराधिक कहानी का आखिरी चैप्टर प्रयागराज में खत्म हो गया।

अंजाम: या जेल… या मौत!
जिसने जेल में बैठकर हत्या की साजिश रची, उसे मौत जेल के बाहर मिली। यह एक बार फिर साबित हुआ – अपराध का अंत या तो जेल होती है, या मौत।

छोटू सिंह की मौत के साथ धनबाद और झारखंड की गैंगवार में एक बड़ा नाम खत्म हो गया, लेकिन पीछे छोड़ गया कई सवाल – जेल की सुरक्षा, गैंगस्टर नेटवर्क और सिस्टम में सेंध की सच्चाई।