दिल्ली का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर नीरज बवाना पैरोल पर बाहर, बीमार पत्नी से मिलने निकला; जानें उसकी क्राइम कुंडली
दिल्ली हाईकोर्ट ने गैंगस्टर नीरज बवाना को पत्नी के इलाज के लिए 3 दिन की कस्टडी पैरोल दी। जानें दिल्ली के दाऊद कहे जाने वाले इस कुख्यात अपराधी का पूरा सफर, दुश्मनियां और जेल से ऑपरेशन की कहानी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना को 3 दिन की custody parole दी है। तिहाड़ जेल में बंद नीरज को यह राहत उसकी बीमार पत्नी से मिलने और उसके इलाज से जुड़ी व्यवस्थाएं देखने के लिए दी गई। इससे पहले भी 1 जुलाई को उसे एक दिन की कस्टडी पैरोल मिली थी।
नीरज बवाना का असली नाम नीरज सहरावत है। दिल्ली के बवाना गांव में जन्मा यह शख्स आज राजधानी के सबसे बड़े गैंगस्टरों में गिना जाता है। मर्डर, डकैती, रंगदारी और जमीन कब्जाने जैसे करीब 50 से ज्यादा संगीन मामलों में आरोपी नीरज के गैंग में 100 से ज्यादा शूटर और गुर्गे शामिल बताए जाते हैं। जेल के अंदर से ही वह अपना नेटवर्क ऑपरेट करता है।
कभी मामूली चोर, अब गैंगवार का किंग
करीब 18 साल पहले नीरज बवाना ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। छोटी-मोटी चोरी से शुरू कर उसने धीरे-धीरे अपनी गैंग बनाई और दिल्ली-एनसीआर पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। अपने गांव के नाम बवाना को ही उसने अपनी पहचान बना लिया और इसी नाम से अपराध जगत में मशहूर हो गया।
बंबिहा गैंग से जुड़कर बढ़ाया दबदबा
एक रिपोर्ट के मुताबिक नीरज ने शुरुआत में पंजाब की कुख्यात बंबिहा गैंग के लिए काम किया।
इस गैंग का सरगना था दविंदर सिंह सिद्धू। दविंदर के मारे जाने के बाद नीरज ने गैंग की कमान संभाली और दिल्ली में अपना सिक्का जमाना शुरू कर दिया।
नीतू दाबोदा से खूनी दुश्मनी
नीरज के गैंगवार की सबसे चर्चित दुश्मनी रही नीतू दाबोदा के साथ। कभी दोनों साथी थे, लेकिन बाद में अलग होकर एक-दूसरे के दुश्मन बन गए। दोनों गैंगों की आपसी भिड़ंत में दर्जनों लोग मारे गए। 2013 में पुलिस एनकाउंटर में नीतू दाबोदा मारा गया, लेकिन नीरज की दुश्मनी और गैंगवार की कहानियां यहीं खत्म नहीं हुईं।
नीरज बवाना की गैंगवार से जुड़े बड़े आरोप:
- मर्डर केस में नाम
- डकैती और उगाही के दर्जनों मामले
- जमीन कब्जाने के केस
- जेल के अंदर से गैंग ऑपरेट करने का आरोप


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