पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में शौकत नवाज मीर के नेतृत्व में बढ़ता बवाल, सरकार और आम जनता के बीच टकराव

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में शौकत नवाज मीर के नेतृत्व में जनता और सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। PoK में लॉकडाउन, सेना की तैनाती और विरोध प्रदर्शन की पूरी खबर।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में शौकत नवाज मीर के नेतृत्व में बढ़ता बवाल, सरकार और आम जनता के बीच टकराव
Shaukat Nawaz Mir

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सरकार और आम नागरिकों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इस्लामाबाद से करीब 3000 जवान भेजे गए हैं, लेकिन इसके बावजूद मुनीर आर्मी लॉकडाउन को खत्म कराने में सफल नहीं हो पाई है। यह लॉकडाउन पाकिस्तान कश्मीर पब्लिक एक्शन कमेटी के अध्यक्ष शौकत नवाज मीर की अपील पर लागू किया गया है।

शौकत नवाज मीर और उनकी एक्शन कमेटी
शौकत मीर की अगुवाई में बनाई गई एक्शन कमेटी सरकार से 35 मांगों का जवाब चाह रही है। हालांकि, सरकार ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और सेना के साथ मिलकर प्रदर्शन को दबाने की कोशिश में जुटी है।

शौकत मीर ने कश्मीर यूनिवर्सिटी, PoK से पढ़ाई पूरी करने के बाद सामाजिक कार्यों में कदम रखा। उन्होंने ट्रेड यूनियन और अन्य सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से पूरे PoK में अपनी पहचान बनाई। 2024 में मीर ने महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद सरकार को आटे के दाम कम करने का कदम उठाना पड़ा।

शुरुआत में मीर कमेटी के सदस्य थे, लेकिन अपनी रणनीतिक कुशलता और प्रभावशाली बोलने की क्षमता के कारण अब वह कमेटी के प्रमुख बन चुके हैं। उनकी कमेटी में PoK की कई राजनीतिक पार्टियां और बड़े प्रभावशाली लोग शामिल हैं। इस कमेटी की प्रमुख मांगों में सबसे अहम PoK में वीआईपी कल्चर खत्म करना है।

PoK हाई कोर्ट और राजनीतिक संघर्ष
इस साल की शुरुआत में PoK हाई कोर्ट ने सरकार के आदेश पर मीर को ट्रेड यूनियन अध्यक्ष पद से हटाया था। इसके बावजूद मीर ने एक्शन कमेटी में सक्रिय भूमिका निभाना जारी रखा।

28 सितंबर को शौकत मीर ने मुजफ्फराबाद के लाल चौक पर जनता से अपील की, जिसके बाद लगभग 10,000 लोग वहां इकट्ठा हुए। मीर ने करीब 17 मिनट का भाषण देते हुए कहा कि वे अनिश्चितकाल के लिए लॉकडाउन लागू करने जा रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है और उनके खिलाफ सेना दौड़ रही है। सेना की गोलीबारी में 2 लोगों की मौत की खबरें सामने आईं।

जनता का समर्थन और सरकार की कमजोरी
PoK में जनता के समर्थन की वजह से मुनीर आर्मी मीर और आम लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रही है। पूरे PoK में इस समय लॉकडाउन जैसी स्थिति बनी हुई है।